ब्रह्माण्ड की सबसे बड़ी आकाशगंगा कौन सी हैं?

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इस विशाल ब्रह्माण्ड में करीब 100 अरब आकाशगंगाए हैं और लगभग 13 अरब साल से वे एक दूसरे के आसपास झुंडो में मौजूद है. यहाँ पर वो टकराती और विलीन होती हैं

इस विशाल ब्रह्माण्ड में करीब 100 अरब आकाशगंगाए हैं और लगभग 13 अरब साल से वे एक दूसरे के आसपास झुंडो में मौजूद है. यहाँ पर वो टकराती और विलीन होती हैं, कई बार उनमें तारों का गठन होता हैं तो कभी कभी शुष्क अवस्था से गुजरती हैं जहाँ कोई तारा पैदा नहीं होता हैं. कुछ आकाशगंगाए सुन्दर और सर्पिल आकार की होती हैं तो कुछ बेहद प्राचीन और अंडाकार. कई गैलेक्सीया बहुत छोटी होती हैं तो कई बेहद विशाल. सबसे छोटी आकाशगंगा (dwarf galaxy) केवल 200 प्रकाश वर्ष जितने आकर में फैली हो सकती हैं. यह आकार एक बड़े तारा समूह (cluster) जितना ही हैं. उनमें कुछ सौ करोड़ सितारें ही होते हैं. ब्रह्माण्ड की सबसे बड़ी आकाशगंगाए ज्यादातर अंडाकार ही होती हैं. वे बहुत पुराने सितारों का एक आकृतिविहीन संग्रह होती हैं. जहाँ इन सितारों की संख्या एक ख़रब तक हो सकती हैं. तो यहाँ सबसे बड़ा पेचीदा सवाल यह हैं की इन सभी विशाल आकाशगंगाओं में से कौन सी आकाशगंगा ब्रह्माण्ड की सबसे विशाल आकाशगंगा हैं? अब तक हमारे द्वारा देखी गई सबसे विशालकाय आकाशगंगा कौन सी हैं? Which is the Largest Galaxy in The Universe? in hindi.

इस सवाल का जवाब यह है: आईसी 1101 – IC 1101. इसे तस्वीर में दिखाया हैं. यह आकाशगंगा सर्पेंस नामक नक्षत्र में एक अरब प्रकाश वर्ष की दूरी पर स्थित है. यहीं इस ज्ञात ब्रह्माण्ड में सबसे बड़ी आकाशगंगा है. इसका व्यास 6 लाख प्रकाश वर्ष हैं और इसके पास 100 खरब जितने तारों का मास(द्रव्यमान) हैं. लेकिन बड़े पैमाने पर इसका अधिकांश मास काले पदार्थ (Dark Matter) के रूप में हैं. IC 1101 हमारी मिल्की वे से 50 गुना ज्यादा बड़ी और 2000 गुना ज्यादा मास वाली हैं. अगर हम इसे हमारी आकाशगंगा की जगह पर रख दे तो यह बड़े मैगेलैनिक बादल को, छोटे मैगेलैनिक बादल को, एंड्रोमेडा आकाशगंगा को और त्रिकोणीय आकाशगंगा को निगल जाएगी.

आईसी 1101 ने ज्यादातर अपनी ज़िन्दगी अन्य आकाशगंगाओं के साथ टकराने में बितायी हैं और और इन टक्करों से अपना आकार बढाया हैं. अरबों सालों के बाद मिल्की वे और एंड्रोमेडा के आकार की आकाशगंगाए एकदूसरे से टकरा जाएंगी. इस टक्कर से वे दोनों अपना वास्तविक आकर खो कर आईसी 1101 जैसी एक विशाल आकाशगंगा की रचना करेंगी. आईसी 1101 आकाशगंगा में तारें बनानेवाली गैसें ख़त्म हो चुकी हैं और तारों के गठन की प्रक्रिया भी बहुत पहले से बंद हो गई हैं. गैस और धूल की कमी की वजह से बहुत ही कम तारें पैदा हो रहे हैं. ऐसी आकाशगंगाए में जब तारें मरते हैं तभी उनके वंशजो की उत्पति के लिए इंधन पैदा होता हैं. आईसी 1101 धीरे धीरे खुद को खा रहीं हैं और अपने अंत की ओर जा रही हैं. नीले रंग की सर्पिल आकाशगंगाओं के विपरीत, आईसी 1101 रंग पीले-लाल जैसा है.

एक आकाशगंगा का रंग उसके अन्दर मौजूद सितारों के बारे में बहुत कुछ कहता हैं. नीली आकाशगंगाए जिंदा और नए सितारों के साथ थरथरानेवाली होती हैं. जब की पीले-लाल रंग की आकाशगंगाओं का मतलब हैं मरती हुई और वृद्ध आकाशगंगा. आईसी 1101 और अन्य अण्डाकृतियों वाली आकाशगंगाओं के केंद्र में एक महकाय ब्लैक होल होता हैं. यह आमतौर पर समझा जाता है कि एक आकाशगंगा के केंद्र में स्थित ब्लैक होल का द्रव्यमान दृढ़ता से आकाशगंगा के साथ जुड़ा हुआ होता हैं. यह ब्लैकहोल एक दिन इस आकाशगंगा को पूरी तरह से निगल जाएंगा. फ़िलहाल तो यह आकाशगंगा एक धीमी मौत मर रही है.

 

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